नाम ना कोई यार को पैगाम भेजिये,
इस फसल में कुछ भेजिए तो बस आम भेजिए .....
ऐसा ज़रूर हो की उन्हें रख के खा सकूं ,
पुख्ता अगर हो बीस तो दस खाम भेजिये .....
मालूम ही है आपको बन्दे का अड्रेस ,
सीधे इलाहाबाद मेरे नाम भेजिये .......
ऐसा न हो की आप कहें जवाब में,
"तामील होगी , पहले मगर दाम भेजिये" ....
अकबर इलाहाबादी
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