Tuesday, 29 May 2012

आम ........फलों का राजा



                      नाम ना कोई यार को पैगाम भेजिये,
                                                    इस फसल में कुछ भेजिए तो बस आम भेजिए .....

                   ऐसा ज़रूर हो की उन्हें रख के खा सकूं ,
                                                 पुख्ता अगर हो बीस तो दस खाम भेजिये  .....

                    मालूम ही है आपको बन्दे का अड्रेस ,
                                                   सीधे इलाहाबाद मेरे नाम भेजिये .......

                    ऐसा न हो की आप कहें जवाब में,
                                                 "तामील होगी , पहले मगर दाम भेजिये" ....



                                                                                         अकबर इलाहाबादी 

 




Saturday, 26 May 2012

IPL एक शानदार प्रतियोगिता

                                                                                                  
27 मई आज  IPL का फायनल  खेला जायेगा।
कोलकाता  और  चेन्नई  की टीम  IPL  का फायनल  खेलेंगी . अगर मेरे  हिसाब  से  देखा  जाए  तो  इस  साल  का IPL  कुछ  विशिष्ट  कारणों  से याद  रखा  जायेगा . 
जिसमे सबसे पहले मैं  Chris Gayle की  बल्लेबाजी को स्थान  दूंगा .  Chris Gayle ने इस  IPL  में  बल्लेबाजी  को नया आयाम   दिया । आप लोंगो में से कोई ये कह सकता है की उसकी बल्लेबाजी सिर्फ 20-20 के मुफीद है  वो टेस्ट  क्रिकेट  में नहीं खेल  सकता  तो मैं बता दूं की  Chris Gayle के नाम  टेस्ट  क्रिकेट  में 2 तिहरे शतक  हैं . इस   IPL  में   Chris Gayle ने 59  छक्के  लगाये जो अब तक  सर्वाधिक  हैं  उसके प्रचंड  फॉर्म  का अंदाज़ा  इस  बात  से  लगता है  की  उसके बाद ज्यादा  छक्के  Cameron white ने लगाये  जिसकी संख्या  सिर्फ  20 है। लगातार  2  IPL  में  आरेंज  कैप  पर  Chris Gayle  का ही अधिकार है।

दूसरे स्थान  पर  मैं  चेन्नई  और  महेंद्र  सिंह  धोनी  के  भाग्य को रखूंगा . ये  दोनों भाग्य के  इतने  धनी   निकले की जो टीम  अंतिम  4 से  बाहर   होने  की कगार  पर खड़ी थी  वो  आज  IPL  का  फायनल  खेल  रही  है . हालाँकि  अन्तिम  दो  मैच  में  चेन्नई  ने शानदार  खेल   दिखाया  लेकिन   लीग  मैच  में  उनका  खेल  उतना  शानदार नहीं था  जिनके  लिए  वो  जाने  जाते हैं।

तीसरे  स्थान  पर  मैं  ल्युक -माल्या  और  जोहला  विवाद  को  रखूंगा जिसने  पूरे  IPL  का  मज़ा  ख़राब कर  दिया और  इस  घटना  की  चर्चा  भी मैं यहाँ नहीं करना चाहता।

चौथे  स्थान  पर  मैं  कोलकाता  टीम  की  शानदार  सफलता  को रखना चाहूँगा . गौतम गंभीर  ने  अपनी शानदार कप्तानी और  बल्लेबाजी   से  शाहरुख़  की टीम  को एक  शानदार  सफलता  दिलवाई . हालांकि  शाहरुख़  खान  ने  वानखेड़े  स्टेडियम  में  कुछ  विवाद  खड़ा  किया  था  लेकिन  उस  विवाद से  कोलकाता  टीम  के  खिलाडियों  की  मेहनत  आप  नहीं  छीन  सकते।

पांचवे  स्थान   पर  मैं  वरिष्ठ  खिलाडियों  जैसे  सचिन , सौरव , राहुल  इत्यादि  की असफलता  को रखना चाहता हूँ . इस  IPL में  ये  खिलाडी  अपने  रंगत  में नज़र  नहीं  आये . ख़ास  तौर  पर  सौरव गांगुली. सौरव गांगुली को  अब  IPL  नहीं  खेलना चाहिए (आपके विचार  अलग  हो  सकते  हैं). राहुल  द्रविड़  और  सचिन तेंदुलकर  ने  एक  या  दो  मैच  में  कुछ  रन  बनाये  लेकिन  फिर  भी  अपने  रंगत  में  नहीं थे।

छठे  स्थान  पर  मैं  अजिंक्या  रहाणे  जैसे  युवा  बल्लेबाज़  को  रखूंगा . इसने  अपने  खेल  का  शानदार  प्रदर्शन  किया जिससे  रैना  व  पठान  जैसे  बल्लेबाज़  खतरा  महसूस  करने  लगे है।  

इस  उम्मीद  के  साथ  की  अगले  साल  फिर  शानदार  क्रिकेट  देखने  को  मिलेगी . 




बाय  बाय  IPL 






Thursday, 5 April 2012

अमिताभ बच्चन...महानायक

                       आज ऑफिस में बैठे बैठे कई लोंगों के साथ अमिताभ बच्चन की फिल्मों की बात होने लगी.
अमिताभ बच्चन हिंदी फिल्मों के महानायक !!!!! एक ऐसा अभिनेता जो एक साथ कई पीढ़ियों का पसंदीदा कलाकार होने की सक्षमता रखता है, और इसमें वह सफल भी है.
हम लोग जब बड़े हो रहे थे तब शायद अमिताभ बच्चन अपने सबसे बुरे फिल्मों के दौर से गुज़र रहे थे (यह मेरा अपना विचार है, कुछ लोंगो को वो फिल्म अच्छी भी लगी होगी ) जैसे की मर्द,तूफ़ान,आज का अर्जुन,मृत्युदाता......लेकिन फिर भी हमारे बचपन में वे फिल्में सुपरहिट थी, क्यूंकि उनमे मार-पीट की अच्छी खासी खुराक थी. फिर जैसे जैसे बड़े हुए.. कुछ समझ आती गयी ...और टेलीविजन का प्रसार  बढ़ा....तब असली अमिताभ बच्चन से परिचय हुआ. एक ऐसा अभिनेता जो परदे पर आकर सब कुछ भुला देता था. एक ऐसा सक्षम कलाकार जो अभिनय की किसी भी विधा में पारंगत हो. चाहे वो सौदागर का गुर बेचने वाला गरीब व्यापारी हो ......या शराबी में एक अमीर व्यापारी का शराबी बेटा. दीवार का अपने आप में संकुचित स्मगलर हो ..........या अमर अकबर एंथोनी का खुल के ज़िन्दगी जीने वाला.
अमिताभ बच्चन की कुछ फिल्में तो कालजयी हो चुकी है. जैसे दीवार,अमर अकबर एंथोनी,शराबी,आनंद....अपनी पारी "सात हिन्दुस्तानी" से शुरू कर के आज "बुड्ढा होगा तेरा बाप" तक की यात्रा में अमिताभ ने हर किरदार को निभाया है. कुछ किरदार तो लगता है जैसे अमिताभ के लिए ही बनायीं गयी है. क्या आपको लगता है की फिल्म "डान" में उस चतुर डान और भोले भाले विजय को कोई भूल पायेगा या फिर "नमक हलाल" का भोला भला अर्जुन जो अपने मालिक के लिए कुछ भी करने को तत्पर रहता है...
अमिताभ बच्चन की फिल्म यात्रा पर नज़र डाले तो सबसे पहले "ज़ंजीर" याद आती है. लेकिन "ज़ंजीर " से पहले एक और फिल्म थी "आनंद".'आनंद' का डॉक्टर बनर्जी अपने पेशे से कुछ नाखुश लगता है..और डॉक्टर बनर्जी के किरदार को अमिताभ ने बहुत अच्छे से निभाया है. आनंद के निर्देशक हृषिकेश मुख़र्जी से शायद अमिताभ बहुत प्रभावित थे तभी कुछ शानदार फिल्में दोनों ने साथ मिलकर बनायीं जैसे "मिली" ,"अभिमान","चुपके चुपके"..
"ज़ंजीर" के बाद अमिताभ ने हिट फिल्मों की लाइन लगा दी."शोले","दीवार","त्रिशूल","कभी कभी","डान" ,"अमर अकबर एंथोनी"....इत्यादि...अमिताभ बच्चन वन मैन आर्मी बन चुके थे.जिस फिल्म में अमिताभ उसका सफल होना पक्का.
मैं यहाँ अमिताभ अभिनीत कुछ पसंदीदा फिल्में लिख रहा हूँ ..आप भी अपने पसंद की फिल्मों के बारे में कमेन्ट बॉक्स में जाकर लिख सकते हैं.
अमर अकबर एंथोनी,दीवार,आनंद,डान,मिली,चुपके चुपके,सिलसिला,शराबी,नमक हलाल,मुक़द्दर का सिकंदर,दो अनजाने,सत्ते पे सत्ता,अभिमान,सुहाग,काला पत्थर,ब्लैक......इत्यादि


धन्यवाद   ..