आज ऑफिस में बैठे बैठे कई लोंगों के साथ अमिताभ बच्चन की फिल्मों की बात होने लगी.
अमिताभ बच्चन हिंदी फिल्मों के महानायक !!!!! एक ऐसा अभिनेता जो एक साथ कई पीढ़ियों का पसंदीदा कलाकार होने की सक्षमता रखता है, और इसमें वह सफल भी है.
हम लोग जब बड़े हो रहे थे तब शायद अमिताभ बच्चन अपने सबसे बुरे फिल्मों के दौर से गुज़र रहे थे (यह मेरा अपना विचार है, कुछ लोंगो को वो फिल्म अच्छी भी लगी होगी ) जैसे की मर्द,तूफ़ान,आज का अर्जुन,मृत्युदाता......लेकिन फिर भी हमारे बचपन में वे फिल्में सुपरहिट थी, क्यूंकि उनमे मार-पीट की अच्छी खासी खुराक थी. फिर जैसे जैसे बड़े हुए.. कुछ समझ आती गयी ...और टेलीविजन का प्रसार बढ़ा....तब असली अमिताभ बच्चन से परिचय हुआ. एक ऐसा अभिनेता जो परदे पर आकर सब कुछ भुला देता था. एक ऐसा सक्षम कलाकार जो अभिनय की किसी भी विधा में पारंगत हो. चाहे वो सौदागर का गुर बेचने वाला गरीब व्यापारी हो ......या शराबी में एक अमीर व्यापारी का शराबी बेटा. दीवार का अपने आप में संकुचित स्मगलर हो ..........या अमर अकबर एंथोनी का खुल के ज़िन्दगी जीने वाला.
अमिताभ बच्चन की कुछ फिल्में तो कालजयी हो चुकी है. जैसे दीवार,अमर अकबर एंथोनी,शराबी,आनंद....अपनी पारी "सात हिन्दुस्तानी" से शुरू कर के आज "बुड्ढा होगा तेरा बाप" तक की यात्रा में अमिताभ ने हर किरदार को निभाया है. कुछ किरदार तो लगता है जैसे अमिताभ के लिए ही बनायीं गयी है. क्या आपको लगता है की फिल्म "डान" में उस चतुर डान और भोले भाले विजय को कोई भूल पायेगा या फिर "नमक हलाल" का भोला भला अर्जुन जो अपने मालिक के लिए कुछ भी करने को तत्पर रहता है...
अमिताभ बच्चन की फिल्म यात्रा पर नज़र डाले तो सबसे पहले "ज़ंजीर" याद आती है. लेकिन "ज़ंजीर " से पहले एक और फिल्म थी "आनंद".'आनंद' का डॉक्टर बनर्जी अपने पेशे से कुछ नाखुश लगता है..और डॉक्टर बनर्जी के किरदार को अमिताभ ने बहुत अच्छे से निभाया है. आनंद के निर्देशक हृषिकेश मुख़र्जी से शायद अमिताभ बहुत प्रभावित थे तभी कुछ शानदार फिल्में दोनों ने साथ मिलकर बनायीं जैसे "मिली" ,"अभिमान","चुपके चुपके"..
"ज़ंजीर" के बाद अमिताभ ने हिट फिल्मों की लाइन लगा दी."शोले","दीवार","त्रिशूल","कभी कभी","डान" ,"अमर अकबर एंथोनी"....इत्यादि...अमिताभ बच्चन वन मैन आर्मी बन चुके थे.जिस फिल्म में अमिताभ उसका सफल होना पक्का.
मैं यहाँ अमिताभ अभिनीत कुछ पसंदीदा फिल्में लिख रहा हूँ ..आप भी अपने पसंद की फिल्मों के बारे में कमेन्ट बॉक्स में जाकर लिख सकते हैं.
अमर अकबर एंथोनी,दीवार,आनंद,डान,मिली,चुपके चुपके,सिलसिला,शराबी,नमक हलाल,मुक़द्दर का सिकंदर,दो अनजाने,सत्ते पे सत्ता,अभिमान,सुहाग,काला पत्थर,ब्लैक......इत्यादि
धन्यवाद ..